फौजिया को जमीन खा गई या आसमान निगल गया ?

Untitled-1

सीतामढ़ी के कन्हौली थाना क्षेत्र में सात युवकों ने मिल कर दो नाबालिग सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही साथ उन्होंने इस पूरे कुकर्म का वीडियो बना लिया और दोनों को ब्लैकमेल करने लगे। शेखपुरा में बाजार से घर लौट रही एक युवती को सुनसान जगह देख दो युवकों ने पकड़ लिया और बारी-बारी से दोनों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना का वीडियो बनाया। औरंगाबाद के अंबा की रहने वाली एक 14 वर्षीय किशोरी घर से कहीं जाने के लिए निकली और लापता हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की और गुमशुदगी का मामला थाने में दर्ज करवाया। अगले ही दिन थाने से 200 मीटर की दूरी पर एक बंद बोऱी में युवती का शव बरामद किया गया। युवती की दुष्कर्म के बाद चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि यदि समय पर पुलिस एक्शन में आ जाती तो शायद बच्ची के साथ ऐसा नहीं होता। पटना के हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के पास की रहने वाली एक किशोरी को एक चालक पटना से खगड़िया ले जाकर पाँच दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म करते रहा और घर में बंधक बनाकर रखा। इस प्रकार की खबरें करीब-करीब प्रत्येक दिन अखबारों में भरी पड़ी होती है। इस प्रकार की घटनायें समाज के लिए काला धब्बा है, सरकार का नकारापन और प्रशासनिक विफलता है। सरकार चाहे केंद्र की हो, प्रदेश की हो या फिर प्रदेश के पुलिस कप्तान हों, महिला सुरक्षा का दंभ भरते रहते हैं। इस प्रकार की घटनाएं उन्हें आईना दिखाने के लिए काफी है। प्रदेश के पुलिस कप्तान और हमारी सरकार के मुखिया प्रदेश में सब कुछ ठीक होने की बात करते रहे हैं, प्रदेश में सुशासन की बात करते हैं। परंतु ये घटनाएं क्या सरकार और प्रशासन की विफलता नहीं है ? इससे पहले भी हमारे देश में निर्भया और निर्भया जैसी शर्मनाक घटनाएं हो चुकी है। सरकार इस प्रकार की घटना के बाद फिर नहीं होने देने का संकल्प लेती है और समय के साथ-साथ फिर भूल जाती है। अभी मई माह के 30 तारीख को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई ढाई साल के मासूम टिं्वकल शर्मा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। टिं्वकल शर्मा के शव को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के हाथ पहली बार कांप गए। शव देखकर लोगों के खून खौल उठे। हत्यारों ने दरिंदगी की हद पार कर दी थी। आखिर कैसे कोई इंसान किसी ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ इतनी हैवानियत कर सकता है। बच्ची 30 मई को अपने घर के पास से ही लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की परंतु कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई परंतु पुलिस से उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। संभव है कि यदि पुलिस समय रहते हरकत में आ जाती तो इस प्रकार की अनहोनी नहीं हो पाती। घटना के दो दिन बाद 2 जून की सुबह घर के पास ही कूड़े के ढेर पर बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। पूरे देश में इस घटना की निंदा हुई और मामला शांत हो गया। बिहार में भी उसी दिन इस प्रकार की एक घटना घटी। परंतु अफसोस मीडिया की सुर्खियां नहीं बन सकी।

30 मई को ही पटना जिले के मोकामा प्रखंड अंतर्गत दरियापुर पंचायत की रहने वाली 12 वर्षीय फौजिया प्रवीण गायब हो गई। फौजिया प्रवीण को गायब हुए एक माह से अधिक हो चुके हैं और लेख के लिखे जाने तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। फौजिया कक्षा नौ में पढ़ती थी और ईद से कुछ दिन पूर्व ईद मनाने अपने नाना के घर पटना, बांस घाट गई थी। किसी वजह से घर से नाराज होकर वह गांधी मैदान के लिए अकेले ही निकल गई और फिर गायब हो गई। 30 मई की शाम करीब चार बजे गांधी मैदान में लगे सीसीटीवी कैमरे में वो टहलते हुए भी नजर आ रही है। परन्तु गांधी मैदान से निकलते हुए वो नजर नहीं आती। परिजनों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की परंतु कुछ पता नहीं चल सका। अगले दिन 31 मई को परिजनों ने स्थानीय बुद्धा कॉलोनी थाने में बच्ची के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। घटना के एक माह गुजर चुके हैं परन्तु बच्ची का कुछ पता नहीं चल सका। बच्ची के परिजन अभी भी गांधी मैदान और आसपास के सड़कों की खाक छान रहे हैं। किसी उम्मीद में जब परिजन पुलिस के पास जाते हैं तो उन्हें पुलिस से जवाब मिलता है कि “हमारे पास कोई जादू तंत्र नहीं है जो हम पता कर लें। कार्यवाही हो रही है, पता चलते ही बता दिया जाएगा। “कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, प्रदेश के गृह सचिव एवं मानवाधिकार आयोग को इसकी सूचना दी और बच्ची के सकुशल वापसी की गुहार लगाई। परिजन बताते हैं कि हर ओर से उन्हें सिर्फ और सिर्फ निराशा मिली। किसी ने भी गंभीरता से इस मामले को नहीं लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक या फिर सांसद किसी ने भी न तो परिजनों से मिलना मुनासिब समझा और न ही उन्होंने अपने स्तर से इसके लिए कोई प्रयास किया। परिजन बताते हैं कि उन्होंने एसएसपी गरिमा मलिक से भी मिलकर गुहार लगाने का प्रयास किया परंतु उन्होंने परिजनों को दो मिनट समय देकर उनकी पीड़ा सुनना भी मुनासिब नहीं समझा। हमारे पुलिस कप्तान भाषणों में पुलिस के पीपुल फ्रेंडली होने की बात करते हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही बयां करती है। प्रशासन के लिए शायद यह कोई गंभीर मसला नहीं है। काश कि फौजिया के परिजन भी कोई राजनेता होते। अब तक तो पूरे प्रदेश की पुलिस दिन रात एक करके बच्ची को बरामद कर दोषियों को सजा भी दे चुकी होती। परंतु इस मामले में पुलिस की गंभीरता सवालों के घेरे में है। घटना के एक माह से अधिक हो गए। पता नहीं वह मासूम कहां है, कैसी है, किस हालात में है या है भी या नहीं। कहीं वो किसी वहशी दरिंदे के चंगुल में तो नहीं फंस गई। क्या हमारी सरकार जवाब देगी कि बच्ची आखिर कहां गई ? उसे जमीन खा गई या आसमान निगल गया। पूरे देश में महिला सुरक्षा की बात होती है और लगातार होती रहती है। परंतु महिलाओं के साथ हो रही घटनाएं इस समाज के लिए और देश के लिए काफी शर्म की बात है। जब तक समाज में महिलाएं सुरक्षित नहीं होगी कैसे कोई समाज विकास कर सकता है, कैसे कोई समाज बगैर महिलाओं के सुरक्षा के सुरक्षित रह सकता है। वैसे बिहारी खबर फौजिया के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार से सवाल करता रहेगा और सरकार को फौजिया के मामलों को गंभीरता से अवगत करवाता रहेगा और यह प्रक्रिया तब तक होता रहेगा जब तक फौजिया अपनें घर सुरक्षित नहीं पहुंच जाती।

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मेरी बेटी को गायब हुए एक महीने से अधिक हो गए, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। हमने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक समेत राज्य के तमाम बड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी बेटी की सही सलामत वापसी के लिए गुहार लगाई है। बार-बार हम थाने जा रहे हैं, परंतु आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। अधिकारियों से यही सुनने को मिलता है कि पुलिस अपना काम कर रही है। पता नहीं चलता कि एक महीने से पुलिस क्या कर रही है। पुलिस की कार्यप्रणाली काफी निराशाजनक है। अपने विधायक, सांसद सबों से मिल चुके हैं। परंतु कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली। सरकार और पुलिस पर से तो अब भरोसा ही उठ गया है।
मोहम्मद शमीम उद्दीन
फौजिया प्रवीण के पिता।

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Don't have account. Register

Lost Password

Register